SwadList Part 116 मौज नो अड्डो

ॐ ।।

मौज नो अड्डो

मित्रों …. गुजराती भोजन सदा से ही मेरे लिए आकर्षक का केंद्र रहा है …. अभी हाल ही में मुम्बई प्रवास के दौरान एक विशेष गुजराती रेस्टोरेंट में जाना हुआ जहां पर गुजराती और फ़्यूज़न डिशेज़ का अनोखा स्वाद चखने को मिला.

यह है #Mumbai के मीरा-भायंदर रोड पर स्थित “मौज नो अड्डो” रेस्टोरेंट …. इसके नाम का अर्थ ही मौज करने का अड्डा है जहां पर आप विशिष्ट गुजराती व्यंजनों के स्वाद ले सकते हैं.

यहाँ के मेन्यू में कई यूनिक व्यंजन हैं पर उनमें से बिल्कुल अलग नाम और रूप वाले दो व्यंजन हैं …. दिखने और स्वाद में ये दोनो व्यंजन यूनिक हैं …. पहला है “भूँगड़ा बटाटा” और दूसरा है “स्ट्रॉमबोली” …. यह दोनो ही व्यंजन बिल्कुल ही अलग अलग कूजीन, इंग्रीडीयंट्स और स्वाद वाले हैं …. जहां एक ओर भूँगड़ा बटाटा ठेठ गुजराती स्नैक है वहीं स्ट्रॉमबोली एक इटैलियन फ़ास्ट फ़ूड आइटम है.

भूँगड़ा_बटाटा : इसे बनाने के लिए छोटे-छोटे टुकड़ों में कटे हुए उबले हुए आलू को चटपटे गुजराती मसाले युक्त मैरीनेशन में लपेट कर तवे पर क्रिस्पी होने तक सेंका जाता है और उस पर लहसुन वाली गाढ़ी ग्रेवी और कटी हुई धनिया आदि डाल कर “भूँगड़ा” के साथ परोसा जाता है …. पीले रंग का यह “भूँगड़ा” वही है जिसे आप बचपन में उँगलियों पर डाल-डाल कर खाते रहे हैं …. अलग अलग क्षेत्रों में इसे अलग अलग नामों से जाना जाता है …. “भूँगड़ा बटाटा” को खाने का सही तरीक़ा है कि भूँगड़े के खोल को एक साइड से आलू के ऊपर रख कर दबाया जाता है जिस से आलू भूँगड़े के ख़ाली भाग में भर जाता है …. फिर इसे चटनी लगा कर या यूँ ही खाया जाता है …. यानी कि एक तरह से भूँगड़े को चम्मच की तरह प्रयोग किया जाता है …. एक ऐसा चम्मच जिसे खाया जा सकता है …. बिल्कुल यूनिक कुरकुरा और चटपटा स्वाद है इस डिश का.

स्ट्रॉम्बोली : चीज़ और इटैलियन मसालों से युक्त यह भारी भरकम व्यंजन एक विदेशी स्वाद है जिसे बनाने के लिए मैदे के ख़मीर वाले बेस में चीज़ और की प्रकार की सॉस मिला कर भरा जाता है और उसे रोल करके ओवन में पकाया जाता है …. इसे खाते हुए इसे तोड़ने पर पिघले हुए चीज़ और सॉस की जो सुगंध और फ़्लेवर निकल कर आता है वह अपने आप में ही इस डिश को खाने की भूख बढ़ा देता है …. बिल्कुल यूनिक और शानदार स्वाद वाली इस डिश का स्वाद लेना सच में एक विशेष अनुभव है.

“मौज नो अड्डो” नाम का यह रेस्टोरेंट पहले मुम्बई के कांदीवली क्षेत्र में “हरी ओम्” के नाम से था और लॉकडाउन के दौरान ही वहाँ से शिफ़्ट होकर अभी मीरा-भायंदर इलाक़े में शुरू किया गया है …. दुकान के मालिक तरुण ठक्कर जी हैं जो मूलतः ओखा, गुजरात के रहने वाले हैं और लम्बे समय से मुम्बई में ही रहते हैं.

दुकान के खुलने का समय सुबह दस बजे से देर रात तक है …. यह पूरा क्षेत्र ही खाऊ गल्ली के नाम से प्रसिद्ध है परन्तु पूरी मार्केट का चक्कर लगाने के बाद यह रेस्टोरेंट इस मार्केट का सबसे यूनिक और अलग रेस्टोरेंट लगा …. यहाँ मिलने वाले व्यंजनों की रेट लिस्ट और मेन्यू फ़ोटो सेक्शन में देख लीजिए.

SwadList रेटिंग : ⭐️ ⭐️ ⭐️ ⭐️ ⭐️

रेस्टोरेंट तक पहुँचने के लिए गूगल लोकेशन :
https://goo.gl/maps/K1sER4zjWMB8uAUx9

मुम्बई में रहने वाले मित्र या मुम्बई घूमने जाने वाले मित्र यहाँ पर गुजराती भोजन का स्वाद अवश्य लें.

आपका अपना …. #पारुलसहगलसाथी 😊

कोंहड़े के फूल के पकोड़े

रेसिपी झारखण्ड से श्वेता चंचल जी ने भेजी है जिन्होंने कोहंड़े यानी कि कद्दू के फूल और पत्तों को प्रयोग करके यूनिक प्रकार के पकौड़े और चटनी तैयार की है. हालाँकि शहरों में इसका रॉ मटीरीयल मिलना थोड़ा कठिन है परन्तु ग्रामीण क्षेत्र में इसे आसानी से बनाया और खाया जा सकता है.

चटनी के लिए :-

चार से पांच कोंहड़े के पत्तों को साफ पानी से धो लिजीए, फिर उसे बारीक टुकड़ों में तोड़ लें जिससे उसके मोटे रेशे अलग हो जाएँ , अब एक कड़ाही में एक चम्मच सरसों का तेल गर्म करें, उसमें खड़ा जीरा , पोस्ता दाना एक चम्मच डालकर एक मिनट भूनें फिर उन साफ किए गए पत्तों को डालें, एक या दो हरी मिर्च अपने स्वाद के अनुसार डालकर एक मिनट भूनें, फिर हल्का पानी छिड़क कर नमक स्वाद अनुसार डालकर ढांक कर पकाएँ दो से तीन मिनट।, जिससे कि पत्ते सॉफ्ट हो जाएँ ,

अब आँच पर से इसे उतार लें और 6-8 लहसून की कलियों के साथ सिलबट्टे पर पीस लें, यम्मीलिशियस चटनी तैयार है , बरसात में इस चटनी का स्वाद बहुत ही अच्छा आता है ..!!

कोंहड़े के फूल के पकोड़े (#बचका)

सबसे पहले फूल की पंखूड़ियों को धोकर साफ कर लें , डंठल वाले मोटे भाग को अलग कर दें, फिर पीसे चावल दाल के गाढ़े घोल से ( आधा कप चावल और आधा कप चने दाल को दो घंटे भिगोने के बाद पीसे हुए घोल)

या आप बेसन के साथ चावल का आटा भी युज़ कर सकत् हैं, पर पीसे चावल दाल वाले में टेस्ट बेहतर आता है , अब गाढ़े घोल में नमक, मिर्ची पाउडर, लहसुन अदरख का पेस्ट मिलाएँ और एकसार कर लें

अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें, और फूलों की पंखूड़ियों को सावधानी से घोल में डुबोकर गर्म तेल में डालें, मध्यम आँच पर दोनों तरफ पकाएँ , ये क्रिस्पी बनते हैं तो और भी मज़ा आता है खाने में, पकोड़े रेडी हैं . आप धनिए की चटनी या फिर चाय के साथ भी इसे ले सकते हैं …

चाहें तो इस घोल में हरी मिर्च डालकर भी फ़्राई कर लीजिए , पकोड़े खाने का टेस्ट दोगुना हो जाएगा.

उबले हुए मोदक

प्रेषक : दीप्ति विटवेकर कुलकर्णी

सामग्री:

1 कप पानी
1 कप चावल का आटा
1 कप नारियल कद्दूकस किया हुआ
1 1/2 कप गुड़ कद्दूकस किया हुआ
1 चम्मच सफेद तील
1 चम्मच खसखस
इलाइची और जायफल पावडर स्वादानुसार
चुटकी भर नमक
1 चम्मच घी

उकडी के मोदक
एक कप पानी मे चुटकी भर नमक और एक चम्मच घी डालकर उबालने रखे।
जब पानी खौलने लगे तब गैस बंद कर के एक कप चावल का आटा मिलाए, गुठलियाँ न बने ध्यान रखें।
एक पैन में खस खस और तिल सेंक कर बारीक कर ले।
नारियल कद्दूकस कर के पैन में डाले, गुड़ मिक्स करें। जब गुड़ पिघल जाए गैस बंद कर के उसमें खसखस और तिल का मिक्चर, इलाइची जायफल पीस कर मिला ले।


चावल के आटे को थोड़ा ठंडा होनेपर तेल के हाथ से एक जैसा गूँथ ले अब हाथ में उसका पेड़े जितना टुकड़ा लेकर पूरी जैसा बना ले। stuffing भर कर मोदक का आकार दे। ये क्रिया सांचे में भी कर सकते है।

अब एक छलनी में केले या हल्दी के पत्ते बिछाकर उसपर मोदक रखें उसपर केसर पानी मे भिगोकर हल्के से रखें। मध्यम आंच पर 20 मिनट स्टीम कर लें।
गरम गरम निकालकर उसपर शुद्ध घी डालकर खाएं।

सूखी रोटी की साबूदाना वाली टिक्की

सूखी हुई और बची हुई रोटियों से भी स्वादिष्ट डिश बनायी जा सकती है

सामग्री
5-6बची हुई रोटी(मिक्सी में क्रश की हुई)
1 वाटी रात भर भिगोए हुए साबूदाना
बाइंडिंग के लिए आलू, ब्रेड, या फिर सूजी
अदरक मिर्च का पेस्ट 2 चमच
नमक स्वाद अनुसार
गरम मसाला 1 से 2 चमच
हल्दी 1 चमच
धनिया,निम्बू का रस
3 चमच तेल राई हींग का तड़का(ऑप्शनल)

सारी चीज़ें अच्छे से मिला के डो तैयार कीजिये।
अब इसको पेटी का शेप देके shallow fry कर लीजिए,या फिर बॉल जैसा शेप देके अप्पम पैन में बना लीजिए।

मीठे दही के साथ व तीखी चटनी के साथ एकदम कम तेल में बना yummy नाश्ता रेडी

कोल्हापुरी मिर्ची बड़े

 Sangeeta Matani जी ने एक अलग ही प्रकार की डिश की रेसिपी भेजी है जो कि दिखती कुछ और है परन्तु है कुछ और !

यह डिश दिखती है जोधपुरी मिर्ची बड़े जैसी पर है यह कोल्हापुरी मिर्ची बड़े.

जोधपुरी बड़े जहां फ़्लफ़ी और नर्म होते हैं वहीं यह कोल्हापुरी मिर्ची बड़े कड़क और क्रिस्पी होते हैं.

सामग्री: कोल्हापुरी हरी मिर्च, तलने के लिए तेल

भरावन के लिए: 4 बड़े आलू, 1 प्याज , 2-3 हरी मिर्च , 1 टीस्पून जीरा, 2 कली लसुन, अदरक, हरा धनिया

मसाले: नमक, लाल मिर्च, सुखा धनिया, अमचूर पावडर

कोटिंग: 1कप मैदा, 1चुटकी अजवाइन, 1 चुटकी जीरा, नमक, थोड़ा मोयन

बनाने की विधि:
सब से पहले कोल्हापुरी हरी मिर्च को धो ले और बीच मे से चीरा लगा ले। अब एक बर्तन में पानी और थोड़ा नमक डाल कर हरी मिर्च को उबाल लें.

ततपश्चात उबली हुई हरी मिर्च को छान लें और ठंडा होने दे।
अब भरवान के लिए आलू को उबाल लें। एक पैन में थोड़ा सा तेल गरम करे। तेल में कटा हुआ प्याज डाल कर लाल होने तक भूने । प्याज में लसुन और अदरक का पेस्ट मिला ले। थोड़ा सा जीरा और हरी मिर्च भी काट कर मिला ले। अब उबले आलू को मैश कर प्याज में मिलाएं और स्वादनुसार नमक लालमिर्च सुख धनिया अमचूर मिलाकर थोड़ी देर भुने.

भरवान को ठंडा होने पर इस भरावन को उबली हुई कोल्हापुरी मिर्च में फ़िल करें.

कोटिंग के लिए परात में मैदा ले। इसमे अज्वाईन जीरा और मोयन मिला कर गूथ ले।

अब गुथे हुए मैदे की छोटी लोई बनाकर रोटी जैसा बेले और फिर लंबी लंबी पट्टिया काटे।

अब इन कटी हुई पट्टियों को कोल्हापुरी मिर्च के ऊपर लपेटे और इन लपेटी हुई मिर्च को तेल में डीप फ्राई करें।

स्वादिष्ट कोल्हापुरी हरी मिर्च बड़े तैयार है।

गर्मागर्म खाये और खिलाये ।
और खूब सारी तारीफ बटोरे।

शुद्ध शाकाहारी आमलेट

शाकाहारी आमलेट यानी कि अण्डे से बनने वाले सामान्य आमलेट से बिलकुल उलट शुद्ध सात्विक इंग्रीडीयंट से बनने वाली एक ऐसी डिश जिसे बहुत ही आसान और साधारण तरीक़े से बनाना सिखाया है मुम्बई में रहने वाली Alpa Dagli जी ने.

Alpa जी घूमने फिरने और फ़्यूज़न कुकिंग की शौक़ीन हैं और सात्विक व्यंजन बनाती हैं.

सुबह का नाश्ता आप का रात भर का फ़ास्ट ब्रेक करता है इसी लिए वो कार्ब्स प्रोटीन रिच होना ही चाहिए।


चलिए ऐसे ही एक सुपर फास्ट पावर पैक नाश्ता देखते है।
में कुकिंग में टेस्ट के साथ न्यूट्रीटशन का बैलेंस करने में मानती हूं,और क्योंकि में जैन खाना पकाती हु तो मेरा खाना प्याज लसुन आलू रहित होता है(आप चाहो तो ऐड कर लीजिए😊)

कभी आप के पास ब्रेड बच जाए तो आप उसको टुकड़े कर के, सूखा के 2 हफ्ते तक रख सकते है।आज मैंने वही यूज़ किया है आप चाहो यो फ्रेश ब्रेड ले सकते हो।

सामग्री(2ब्रेड ऑमलेट के लिए)
3ब्रेड के क्यूब्स
1 कप बेसन आटा
2 चुटकी eno
1 कप मिक्स वेजिटेबल(शिमला मिर्च,बेल पेपर, पत्तागोभी,कॉर्न टमाटर ,बेबी कॉर्न, जो भी आप के पास हो)
1 चमच अदरक मिर्च पेस्ट
चीज़ या पनीर ग्रेटेड
ब्रशिंग के लिए तेल
टोमेटो केचप या चटनी
नमक व हर्ब्स

बेसन में करीब 1 कप जितना पानी डाल के पतला घोल बना लीजिए उसमे नमक, eno, अदरक मिर्च पेस्ट, चॉइस के हर्ब्स डाल के रेडी रखिये.

अब एक नॉनस्टिक पैन में तेल लगा के ब्रेड के टुकड़े डाल दीजिए व ऊपर बेसन का पतला घोल डाल दीजिए.

ऊपर वेजिटेबल डाल के ढक के पकने दीजिए(करीब 5 से 7 मिनट)

फिर उसे दूसरी साइड से भी पका लीजिए।चाहो तो तेल या बटर डाल सकते हो)

अब ऊपर ग्रेटेड पनीर या चीज़ के साथ हर्ब्स स्प्रिंकल करके परोस दीजिए गरमा गरम चाय के साथ.

बनाने का टाइम-15 से 20 मिनट
हाईप्रोटीन,लो कार्ब्स,लौ फैट व विटामिन्स के साथ.

मोमोज

मोमोज की रेसिपी आज भेजी है हमारे “दूर के पड़ोसी” अतुल शर्मा गुड्डू जी ने…..दूर के पड़ोसी इसलिए कि दिल्ली NCR में आठ-दस किलोमीटर को पड़ोस ही कहा जाता है….अतुल जी बॉर्डर के उस ओर दिल्ली में रहते हैं और अपन बॉर्डर के इस ओर ऊपी में रहिते हैं.

जितने शानदार अतुल जी ने मोमोज बनाए हैं उतने ही सुंदर ढंग से ना केवल इनके बनने की कहानी एक अलग ही अन्दाज़ में आपके लिए लिखी है बल्कि मोमोज के बारे में यूनिक और महत्वपूर्ण जानकारी भी दी है

#अतुल_जी_की_पोस्ट:

दिन 22 अगस्त 2020, समय सुबह 9 बजे,

नाश्ता करते समय घर की मालकिन अर्थात धर्मपत्नी ने पूछा आज खाने में क्या बनाना है…..मौसम रिमझिम वाला ठंडा ठंडा था तो मैंने भी चटकारा लेते हुए कहा दिया मौसम तो कुछ तीखा सा चटपटा सा खाने का हो रहा है, जवाब मिला तो मोमोज “बना लेते” है….थोड़ी देर में सामने प्याज, लहसुन अदरक हरी मिर्च से भरी प्लेट रखे थी और आदेश था कि बारीक बारीक काटना है, प्याज काट चुकी थी फिर याद आया कि पारुल सहगल जी ने हाल ही में एक प्रतियोगिता चलाई हुई है तो मैंने चाकू रखकर मोबाइल उठाया और दो चार फोटो उतारे कच्चे माल के,

खैर ये सब किस्सा सुनने के चक्कर मे रेसिपी की खिचड़ी बन जाएगी तो सीधे मुद्दे पर आते है, तो हम बना रहे है आज “तड़कते भड़कते मोमो”

जरूरी सामान
१, सोया बड़ी – एक बाउल
२, प्याज – ३ बड़ी साइज की,
३, लहसुन – २ बड़ी गांठ ,
४, हरी मिर्च- १०-१५
५, अदरक
६, खाने का तेल – २ छोटा चम्मच (सरसो का हो तो बेहतर है)
७, मैदा – एक बाउल (१०० ग्राम)
८, नमक

चटनी के लिए
तीखी लाल मिर्च, अदरक, लहसुन नमक
अदरक लहसुन को अच्छे से बारीक पीसकर उसे लालमिर्च के साथ हल्का सा पीस लीजिए, इतना कि लाल मिर्च के प्लेक्स भी चटनी में दिखाई दे, अब इसे दो मिनट हल्की आंच पर पकाइए और तैयार है आपकी मोमो की चटनी,

#तैयारी
सबसे पहले सोया बड़ी को हल्के गर्म पानी मे भीगने के रख दो हल्का नमक डालकर, साथ ही साथ प्याज लहसुन हरी मिर्च अदरक आदि सब कुछ साफ करके अच्छे से बारीक बारीक काट लो, जब तक आप ये सब काट कर निपटेंगे सोया बड़ी फूल चुकी होगी, उन्हें निचोड़कर दो तीन बार साफ पानी से धोकर निचोड़ लो ताकि उनमे पानी ना रहे, निचोड़ने के बाद इन्हें मिक्सर में डालकर थोड़ा दरदरा पीस लो ज्यादा नही पीसना है बस मिर्च प्याज के टुकड़े के साइज के हो जाए इतना पीसना है,
अब एक फ्राई पैन या कड़ाही में एक चम्मच तेल डालकर उसे गर्म होने दे, गर्म होने पर प्याज अदरक लहसुन हरी मिर्च तो हल्का सा भून लें, साथ मे सोयाबीन की बड़ी का जो चुरा बनाया है उसे भी इसी में डालकर स्वादानुसार नमक और हल्का गर्म मसाला भी मिला सकते है ढक कर दो मिनट हल्की आंच पर पकने दे, पकने के बाद इस मिश्रण को ठंडा होने के लिए रख दे ये मोमोज की स्टफिंग तैयार है,

इसी तरह आप पनीर, गोभी, गाजर आदि सब्जियां डालकर भी बना सकते है लेकिन मुझे सोयाबीन के तड़कते भड़कते तीखे ही पसंद है तो उसी के बारे में लिखा है,

अब जब तक स्टफिंग ठंडा होगी तब तक हम मैदा में हल्का नमक और मोयन के लिए एक चम्मच तेल मिलाकर गूथ लेंगे, मैदा ना ही ज्यादा टाइट और न ही ज्यादा गीला होना चाहिए, आसानी से पतला बेल सके ऐसा होना चाहिए,

अब आपकी स्टफिंग भी ठंडी हो गयी होगी तो छोटी छोटी लोइयां बनाकर पूरी की तरह बेलिए और उसमे स्टफिंग भरकर अपने पसंदीदा डिजाइन या सुविधा अनुसार किनारों को ऊपर की तरफ मोड़कर बन्द कर दीजिए ,

अब स्टीमर में पानी डालकर गरम होने के लिए रख दीजिये , जब पानी गर्म हो जाये तो स्टीमर में स्टीम करने वाले प्लेट्स पर अपने मोमोज को रखकर १० -१५ मिनट ढककर पकने दीजिये,

अब गर्मागर्म तड़कते भड़कते मोमोज को तीखी मिर्च वाली लाल चटनी और म्योनीज के साथ गरमा गरम खाइए और परिवार वालो को भी खिलाइए और फोटो डालकर अपने सोशल मीडिया दोस्तो को चिढाईये.

( मोमोज अत्यंत ठंडी जगहों पर शरीर मे गर्मी बनाए रखने के लिए खाया जाने वाला व्यंजन है जो वहां की उपलब्ध सामग्री के साथ अपने विशेष तीखेपन के साथ बनाया जाता है, मैदानी इलाकों में इसका लोकल वर्जन जगह के हिसाब से मॉडिफाई स्वाद और रेसिपी के साथ मिलता है मुझे ये तीखेपन में ही पसन्द है बाकी इसे लोग टोमेटो सॉस के साथ भी खाते है, गोभी की स्टफिंग और तलकर भी बनाते है तो अपने अपने टेस्ट के हिसाब से मॉडिफाई भी कर सकते हो)
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मित्रों….इस शानदार रेसिपी को आप बनाइए, खाइए, फ़ोटो खींचिए और भेजिए….रेसिपी अच्छी लगे तो आपके मित्रों के साथ भी शेयर कीजिए….इसी प्रकार की शानदार रेसीपीस और फ़ूड टूर ब्लॉग्ज़ पढ़ने के लिए विज़िट कीजिए www.swadlist.com

आपका अपना …. #पारुल_सहगल_साथी 😊

SwadList (Part112) मुम्बई का खिचड़ी सम्राट

ॐ ।।

मुम्बई #Mumbai

खिचड़ी_सम्राट

खिचड़ी !!!! भला यह भी कोई खाने की चीज़ है…….मित्रों……खिचड़ी का नाम सुनते ही अक्सर हमें बीमारों वाले खाने की याद आती है…..हालाँकि खिचड़ी एक पौष्टिक और सुपाच्य आहार है फिर भी खिचड़ी को कोई स्पेशल खाना या कम से कम ऐसा खाना नही माना जाता जिसे कोई विशेष रूप से होटल-रेस्टोरेंट में खाने के लिए दूर-दूर से आए.

हमारा आज का स्वाद ऐसे ही एक रेस्टोरेंट से है जिनके पास है तो लम्बा चौड़ा मेन्यू परन्तु यहाँ पर लोग विशेष रूप से #खिचड़ीकास्वाद_लेने आते हैं और लोग भी कोई ऐसे वैसे नही अच्छे-ख़ासे सेलेब्रिटीज़ यहाँ पर खिचड़ी का स्वाद ले चुके हैं.

मुम्बईसेंट्रल के पास स्थित सी पी टैंक रोड पर स्थित है #वृंदावनखिचड़ी_सम्राट नाम का एक यूनिक रेस्टोरेंट जहां की एक यूनिक स्पेशीऐलिटी है #खिचड़ी.

खिचड़ी के यहाँ कई वेरीयंट उपलब्ध हैं जिनमें से मुख्य हैं #वेज़ीटेबलखिचड़ी, #पालकखिचड़ी, #मकईखिचड़ी, #ड्राईफ़्रूटखिचड़ी आदि परन्तु यहाँ की सबसे विशेष और प्रसिद्ध खिचड़ी है #वृंदावनखिचड़ी जिसे विशेष रूप से #मोटेसूरती_चावल और मिक्स दालों के साथ बनाया जाता है….इसे दहीं और कढ़ी के साथ सर्व किया जाता है….और इसका साथ देने के लिए पापड़ और अचार.

रेस्टोरेंट के मेन्यू में महाराष्ट्रियन, गुजराती, राजस्थानी, काठियावाड़ी, पंजाबी आदि आइटम्ज़ की भरमार है परन्तु बाक़ी सब आइटम्ज़ के बराबर अकेली खिचड़ी की बिक्री होती है यहाँ पर.

रेस्टोरेंट के मालिक श्री अतुल महेश अग्रवाल जी ने बताया कि यह रेस्टोरेंट उनके दादा जी ने लगभग #68 वर्षपहले शुरू किया था और खिचड़ी ही शुरू से इनकी विशेषता रही है और इनके यूनिक स्वाद को आज तक कोई कापी नही कर पाया जिसके पीछे का राज है कि यहाँ पर प्रयोग होने वाले सारे मसाले अग्रवाल जी स्वयं तैयार करवाते हैं और गुणवत्ता का पूरा पूरा ध्यान रखते हैं…..यही कारण है कि यहाँ पर #देसीघीसे_लबालब खिचड़ी भरपेट खाने के बाद भी आपको पेट में ज़रा भी भारीपन का अनुभव नही होगा.

खिचड़ी के साथ यहाँ की दो और प्रसिद्ध और यूनिक आइटम्ज़ हैं जो कि लगभग हरेक ग्राहक की पसंद रहती है वह हैं #कैरेमलकस्टर्ड और #बीयरकीबोतलमेंमिलनेवालीमसालाछाछ…….खिचड़ी के साथ ये दोनो आइटम्ज़ भी यहाँ पर लगभग हरेक टेबल पर देखने को मिलेंगी.

रेस्टोरेंट सुबह 11:00 बजे से रात 11:00 बजे तक खुला रहता है और खिचड़ी का स्वाद दिन भर में कभी भी लिया जा सकता है.

गूगल लोकेशन: https://goo.gl/maps/nPX5tmrQMjCWFiP28

SwadList रेटिंग : 5 स्टार ⭐ ⭐ ⭐ ⭐ ⭐

जुड़े रहिए….पढ़ते रहिए और बनते रहिए हमसफ़र नए-नए स्वादों का SwadList के साथ 🙏

आपका अपना ….. पारुल सहगल 😊

SwadList (Part111) पुणे की झक्कास निखारा मिसल

ॐ ।।

मित्रों…..मिसल पाव महाराष्ट्र के खान-पान का एक अभिन्न अंग है……दो भागों में बनने वाली एक तीखी-करारी डिश जिसका स्वाद ब्रेकफ़ास्ट-लंच-डिनर कभी भी किसी भी समय लिया जा सकता है…..दो भागों में इसलिए कि इसमें मसालेदार #उसल जिसे #रसा भी कहते हैं वह #अँकुरित_मोठ के साथ पहले बना कर रखा जाता है और #फरसाण इसमें खाने के बिलकुल पहले मिला कर फ़ाइनल #मिसल का रूप दिया जाता है.

इसी मिसल को एक नया और यूनिक अवतार दिया है पुणे के #झक्कास मिसल वालों ने…..अपने यूनिक नाम की ही तरह यहाँ पर मिसल भी एकदम यूनिक मिलती है……उस यूनिक मिसल का नाम है #स्मोक्ड मिसल यानि कि #धुआँ वाली मिसल जिसे नाम दिया गया है #निखारा मिसल……..ग्राहक से ऑर्डर लेने के बाद इसे बनाते समय एक #मिट्टी की हांडी में उसल के साथ फरसान डालने के समय ही एक #जलताहुआकोयला एक छोटी सी कटोरी में रख कर बिलकुल हांडी के बीचों बीच रख दिया जाता है और उसे ढक्कन से ढक दिया जाता है….कुछ मिनटों तक #कोयले का धुवाँ हांडी के भीतर ही रहता है और मिसल को #रोस्ट करता है…..फिर यह हांडी #आपकी टेबल पर ही_खोली जाती है और धुवें से पकी हुई मिसल आपके सामने परोसी जाती है…..सचमुच जितना जटिल इसको बनाने की प्रक्रिया और जितना रोमांचक इसका रूप प्रदर्शन है उस से भी अधिक स्वादिष्ट यह डिश है…….नर्म और ताज़ा पाव के साथ इसका स्वाद बिलकुल ही यूनीक रहता है.

“झक्कास मिसल” पुणे में बहुत पुराना नाम नही है…..छह साल पहले पुणे के ही एक स्थानीय युवा #अक्षय नालवड़े ने यह रेस्टोरेंट शुरू किया है और बहुत कम समय में ही पुणे में काफ़ी नाम कमा लिया है और उनके इस अनूठे निखारा मिसल पाव का स्वाद लेने के लिए लोग विशेष दूर-दूर रूप से आते हैं……#तामड़ारसा यानी कि लाल ग्रेवी और #काला_रसा यानी कि काली ग्रेवी इस मिसल के दो वेरीयंट हैं जिनके स्वाद भी अलग अलग हैं और रूप रंग भी.

अक्षय पढ़े-लिखे नयी पीढ़ी के युवक हैं और रेस्टोरेंट शुरू करते समय कई विकल्पों पर विचार करके के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया की बजाय किसी ब्रांड की फ़्रेंचाईज़ लेने के स्वयं का एक ब्रांड क्रीएट किया जाए…. अभी अक्षय अपने इस ब्रांड को पुणे में स्थापित कर चुके हैं और तीन लोकेशन से झक्कास मिसल का संचालन कर रहे हैं…….निखारा मिसल की प्रति प्लेट का दाम है 100/- रुपए और यह रेस्टोरेंट सुबह 8:00 बजे से रात को 10:30 बजे तक खुलता है.

गूगल लोकेशन : https://goo.gl/maps/LdsMAXHDdNU5a81k8

SwadList रेटिंग : 5 स्टार ⭐ ⭐ ⭐ ⭐ ⭐

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आपका अपना …. पारुल सहगल 😊