बालूशाही

बालूशाही पूरे उत्तर भारत की एक प्रसिद्ध और स्वादिष्ट मिठाई है जो कि छोटी-छोटी चाय की दुकानों से लेकर बड़ी-बड़ी ब्रांडेड स्वीट्स शॉप्स पर दिखाई दे जाती है…..दिखने में गोल डोनट जैसी यह रस से भरी हुई भी मिलती है और बिलकुल सूखी चीनी के लेप वाली भी.

राजस्थान में बनाया-खाया जाने वाला मक्खन बड़ा भी शायद इसी बालूशाही का कुम्भ के मेले में बिछड़ा हुआ भाई ही है.

इसी बालूशाही की की रेसिपी आज भेजी है राजस्थान के Ashok Sharma जी ने जिन्होंने यह बालूशाही विशेष रूप से आपके लिए बनायी है.

अशोक जी की पोस्ट :

बालूशाही बनाने की विधि :-

सामग्री :-

मैदा- 500 ग्राम
घी- 150 ग्राम
चीनी- 700 ग्राम
इलायची – 5 पीस
बेकिंग पाउडर- 1.5 डेढ़ छोटी चम्मच
घी या रिफाइंड- तलने के लिए

बालूशाही बनाने की विधि :-

एक बड़े प्याले में मैदा लेकर इसमें बेकिंग पाउडर डालकर अच्छी तरह से मिला लीजिए. मैदा में 150 ग्राम कप घी डालकर मिक्स कर लीजिए और इसमें थोड़ा थोड़ा पानी डालते हुए डोह बना लीजिए…यह धयान रखना है कि आटे को बस इकट्ठा करना है… इसे मसलकर चिकना करने की ज़रूरत नही है. अगर हम इसे चिकना करः देंगे तो जो चाशनी ह् वो अंदर नही जा पायेगी जिससे की हंमारे बालूशाही अंदर से टाइट रह जायेगी .अब इस मैदा के डोह को आधे घंटे के लिए सैट होने के लिए रख दीजिए.

आधे घँटे बाद मैदा के डोह को हल्के हाथ से थोड़ा गूँथ लेंगे . गुंथे मैदा को लीजिए और लंबाई में बढ़ाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में इसकी पेड़ी तोड़ लेंगे.अब एक पेड़ी उठाकर इसे गोल करके दबा लीजिए और अंगूठे की सहायता से इसके दोनों ओर बीच में गड्ढा बना लीजिए और इसे प्लेट में रख लीजिए. इसी प्रकार सारी बालूशाही बनाकर तैयार कर लीजिए.

कढ़ाही में घी या रिफाइंड गरम कर लीजिए.य धयान रखना ह् की रिफाइंड या घी को हमे ज्यादा गर्म नही करना ह् इन्हे हमे माध्यम आंच पर ही सेकनी ह्, जिससे की ये अंदर तक अच्छे से सिक जाये फूल जाये अगर हम इन्हें गर्म आंच पर सकेंगे तो ये बाहर से तो लाल हो जायँगी लेकिन अंदर से कच्ची रह जायँगी और फूलेगी भी नही .बालूशाही तलने के लिए हल्का गरम ही घी चाहिए. जब घी हलका गर्म हो जाय तो बनी हुई बालूशाही हमे कढ़ाई में डाल देनी है.. जब बालूशाही फूलकर तैरकर ऊपर आ जाएं, तब आंच को हल्का सा तेज कर लीजिए और इनको नीचे से हल्की सी सिकने दीजिए. उसके बाद, बालूशाही को पलट दीजिए और इनको दोनों ओर ब्राउन होने तक तल लीजिए.अब सारी बालूशाही को यसे ही गोल्डन ब्राउन सेक करः निकाल कर एक प्लेट में इकट्ठा कर लेना है.

अगली बार की बालूशाही तलने से पहले घी को थोड़ा ठंडा करने के लिए 2 से 3 मिनिट के लिए गैस बंद कर दीजिए.

चाशनी कैसे बनाएं :-

बर्तन में चीनी और 200 ml पानी डालकर चीनी को पानी में घुलने तक पका लीजिए. इसे बीच बीच में चलाते रहें. बाद में, इसे चैक कीजिए. चमचे से चाशनी को गिराकर देखिए जो आखिरी बूंद है, वह तार के रूप में गिरनी चाहिए. चाशनी बनकर तैयार है. गैस बंद कर दीजिए.

चाशनी को दूसरी तरह से चैक करने के लिए चाशनी की 2 से 3 बूंदे प्याली में डालिए और उंगली और अंगूठे के बीच चिपकाकर देखिए, उसमें 1 तार बनता दिखना चाहिए. चाशनी में इलायची का पाउडर बना कर डाल दे चाशनी को उतारकर जाली स्टेन्ड पर ढककर रख दीजिए ताकि यह जल्दी से ठंडी ना हो.

अगर चीनी साफ ना हो, तब चाशनी का रंग साफ नही आता. ऎसा होने पर चाशनी में उबाल आने पर उसमे आधा कप दूध डाल दें. उसके बाद चाशनी में उबाल आयेगा तो चीनी में जो गंदगी थी उस के झाग ऊपर उठकर आ जाते हैं, उन्हें निकालकर अलग कर दें….चाशनी साफ तैयार हो जाएगी.

अब इस गर्म चाशनी में ही हमने जो बालूशाही बना कर तैयार की है उन्हें डाल देंगे और लगभग 20 मिनट चाशनी में रखने के बाद उन्हें निकाल कर गर्मा गर्म सर्व करेंगे…अगर बालूशाही ज्यादा हैं तो इन्हे फ़्रिज में रख कर 20 दिन तक खा सकते हैं.

ट्राई कीजिए यह शानदार रेसिपी और आपका फ़ीड्बैक दीजिए 🙏

आपका अपना …. #पारुल_सहगल_साथी 😊

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